खोजते जिसे स्वयं भगवान – Khojate Jise Swayam Bhagwan

I heard this geet from Shri Nimmit Hakker from USA. Thought to share with all.

कहां छुपा बैठा है अब तक, वह सच्चा इंसान… x २

खोजते जिसे स्वयं भगवान

कहां छुपा बैठा है अब तक वह सच्चा इंसान,
खोजते जिसे स्वयं भगवान x २

जिसने जानी पीर पराई, परहित में निज देह तपाई x २,
जिसने लगन दीप की पाई, तिल तिल जलकर ज्योति जलाई… (२)

उसकी आभा से ही होता x २
देवों का सम्मान…
खोजते जिसे स्वयं भगवान x २

कहां छुपा बैठा है अब तक, वह सच्चा इंसान,
खोजते जिसे स्वयं भगवान x २

जिसने रूखा सूखा खाया, पर ना कहीं ईमान गवांया,
उसने ही वह भोग लगाया, जिसे राम ने रुचि से खाया… (२)

स्वार्थ रहित सेवा ही उसकी x २
मेवा सुधा समान

खोजते जिसे स्वयं भगवान x २

कहां छुपा बैठा है अब तक, वह सच्चा इंसान,
खोजते जिसे स्वयं भगवान x २

जिसने घला दिया अपना तन, सींचा इस धरती का उपवन,
परहित मय है जिसका जीवन, वही महेकता बनकर चंदन… (२)

ईश्वर के मस्तक पर होगा x २
उसका ही गुण गान,
खोजते जिसे स्वयं भगवान x २

कहां छुपा बैठा है अब तक, वह सच्चा इंसान x २

खोजते जिसे स्वयं भगवान x ३

Credits:

  • https://youtu.be/UacJHnt7dr0
  • This is a gayatri Pariwar Pragya Geet. “Kahan chupa baitha hai ab tak vah saccha insan”.
  • Checkout gayatri Pariwar website www.awgp.org and it’s YouTube channel Shantikunj online.

Facebook Comments
I hope to share things related to Education, Technology, Inspirational speakers, etc. Hope you find it interesting and worth reading. Thanks.